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Tuesday, 24 February 2026

बिट्टो की डायरी

 “बिट्टो की डायरी ”

(इस हिस्से में दर्द गहरा है, और बिट्टो की आँखें कुछ ज़्यादा सच देखती हैं।)

1 - आज फिर वही नज़रें

आज एक घर में

काम करते वक़्त

मुँह ज़रा ऊपर किया

तो वो आदमी

ऐसे देख रहा था

जैसे मैं इंसान नहीं,

कोई चीज़ हूँ।

मैंने झट से नजरें झुका लीं—

पर दिल देर तक काँपता रहा।


2 -. चुनिया का नया ड्रेस

चुनिया आज

नए सलवार में आई थी।

पूरी चमक रही थी।

मैंने कहा—

“अम्मा ने खरीदा क्या?”

वो बोली—

“नहीं… किस्मत ने दिलाया है।”

उसकी मुस्कुराहट में

ज़िंदगी से ज़्यादा

कुछ और चमक रहा था।


३-. पप्पू का पीछा

आज पप्पू

बस्ती तक पीछे-पीछे आया।

कुछ बोला नहीं,

बस आँखों से बातें करता रहा।

मेरे कदम तेज़ हो गए

पर मन में

एक अजीब खिंचाव भी था।

ये खिंचाव

खुशी का है

या खतरे का—

समझ नहीं आता।


४-. अम्मा का घाव

अम्मा के हाथ में

आज फिर छाला पड़ा।

वो बोली

“दर्द की आदत हो गई है।”

मैंने सोचा—

दर्द की आदत होना

सबसे बड़ा

दर्द होता है।


5-. पापा का सच

आज पापा ने

धीरे से कहा

“बिट्टो, मैं अच्छा बाप नहीं हूँ।”

मैं कुछ बोली नहीं।

बीच में बस

दो आँसू गिरे—

उनके गाल पर या मेरे,

पता नहीं।


6-. छुटके की भूख

आज छुटके ने पूछा

“दीदी, गुड़ है?”

मेरे पास नहीं था।

उसकी आँखों में

निराशा नहीं,

आदत दिखी।

मुझे लगा

सबसे खतरनाक चीज़

गरीबी से भी ज़्यादा

गरीबी की आदत है।


7 -. मेरी चुप्पी

आज अम्मा ने पूछा

“क्यों चुप है?”

मैं क्या बताती?

कि मन में सौ बातें हैं,

पर ज़ुबान पर

एक भी नहीं आती।

कभी-कभी

चुप्पी ही

सबसे भारी बोझ होती है।


8-. मेरी उम्र

लोग कहते हैं

मैं चौदह की हूँ।

पर लगता है

मैं चालीस की हो चुकी हूँ

क्योंकि

मेरे बचपन ने

बहुत जल्दी

काम पर जाना शुरू कर दिया था।


9-. आसमान

आज छत पर जाकर

आसमान देखा

एक तारा टूटा।

मैंने मन ही मन

एक दुआ माँगी

“किसी दिन

मेरा भी दिल

कुछ अच्छे में टूटे,

किसी बुरे में नहीं।”


10 -. बिट्टो का वादा

आज डायरी में

एक लाइन लिखी—

मैं यहाँ रहूँगी,

पर यूँ नहीं रहूँगी।

ये वादा

किससे है?

शायद ख़ुद से।

शायद उस बिट्टो से

जो कहीं भीतर

अब भी सपने सँभालती है।

मुकेश - (बिट्टो की डायरी से )

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