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Monday, 9 March 2026

मेला ! पिता के कंधे पे बैठा एक छोटा बच्चा

 मेला ! पिता के कंधे पे बैठा एक छोटा बच्चा 


मेले की भीड़ में

एक छोटा-सा बच्चा

अपने पिता के कंधों पर बैठा है।


ऊपर से

दुनिया उसे

कुछ और ही बड़ी लग रही है

रंग-बिरंगे गुब्बारे,

घूमता हुआ झूला,

और मिठाइयों की खुशबू।


उसकी छोटी उँगलियाँ

पिता के सिर को थामे हैं,

जैसे

वहीं से

पूरा संसार संभल रहा हो।


वो ऊपर से

सबको देखता है,

और अचानक

खुशी से चिल्ला उठता है

“देखो… कितना बड़ा मेला!”


नीचे

पिता चुपचाप

मुस्कुरा रहे हैं।


उन्हें पता है

कि यह मेला

एक दिन ख़त्म हो जाएगा,

पर यह छोटा-सा पल

उनके कंधों पर बैठा

हमेशा याद रहेगा।


उस शाम

मेले में

सबसे ऊँचा झूला

शायद वही था


जहाँ

एक पिता के कंधों पर बैठकर

एक बच्चा

दुनिया को

पहली बार

इतना ऊँचा देख रहा था


मुकेश ,,,,,,,,

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