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Tuesday, 17 March 2026

तुम्हारे पास बैठी हुई दोपहर


 तुम्हारे पास बैठी हुई दोपहर


हम कुछ नहीं बोलते,

बस पास बैठे रहते हैं।


खिड़की से आती धूप

तुम्हारे चेहरे पर

धीरे-धीरे उतरती है।


और मुझे लगता है

दुनिया की सबसे सुंदर चीज़

यही

ख़ामोश दोपहर है।


मुकेश ,,,,,

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