होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Wednesday, 3 April 2013

चाँद उतरता ही नहीं ज़मी पे


चाँद उतरता ही नहीं ज़मी पे
कि हम ले लें उसे बाहों मे
उधर सितारे भी
टकटकी लगाए बैठे हैं
कि ,
चाँद कभी तो करेगा इशारे
मुकेश इलाहाबादी --------------

No comments:

Post a Comment