“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है
जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है
और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
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Wednesday, 10 December 2014
दोस्त तुम्हारी यादें,
दोस्त तुम्हारी यादें, अंधरी रात में जुगनू की रोशनी जाड़े में सुबह की नर्म धूप तितलियों के नाज़ुक पंख फूलों की महक चिड़ियों की चहक सन्नाटे दिल की सरसराहट, और प्रेम में पगे दिल की धड़कन
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