होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Wednesday, 12 December 2018

काश मेरा भी हुआ करे कोई


काश मेरा भी हुआ करे कोई
मेरे लिए भी दुआ करे कोई 

न ही मै मिलूं न मै याद करूँ
पर मेरे लिए तड़पा करे कोई 

दुश्मन तो मेरे बहुत सारे हैं
अपना समझ लड़ा करे कोई

जब कभी फुरसत दे ज़िंदगी
बगलगीर हो, बैठा करे कोई

हाथ तो सभी मिला लेते हैं 
दिल से भी मिला करे कोई

मुकेश इलाहाबादी ---------

No comments:

Post a Comment