न कोई सूरज जलता है


कोई सूरज जलता है
मेरे साथ
न कोई
चाँद चलता है/ मेरे साथ
न कोई फूल
खिलता है मेरे साथ
यहाँ तक कि
तुम भी तो नहीं हो / मेरे साथ
मुकेश इलाहाबादी -------

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