अध्याय–17 : आदतों का पुनर्निर्माण
अध्याय–17 : आदतों का पुनर्निर्माण - पुराने व्यवहार को बदलकर नई मानसिक आदतें कैसे विकसित करें? मनुष्य का जीवन केवल उसके विचारों और निर्णयों से संचालित नहीं होता। उसके जीवन का एक बड़ा भाग उन व्यवहारों से भी निर्मित होता है जिन्हें वह बार-बार दोहराता है। सुबह उठने का तरीका, भोजन करने की आदत, काम करने की शैली, दूसरों से बातचीत, क्रोध में प्रतिक्रिया देना, समय का उपयोग करना और मनोरंजन के साधनों का चयन—इन सबमें आदतों की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। आदतों की विशेषता यह है कि वे धीरे-धीरे हमारे व्यवहार का स्वाभाविक हिस्सा बन जाती हैं। प्रारम्भ में जिस कार्य को करने के लिए विशेष प्रयास करना पड़ता है, वही कार्य कुछ समय बाद सहजता से होने लगता है। इसके विपरीत, कोई अनुचित व्यवहार भी बार-बार दोहराए जाने पर इतना सहज हो सकता है कि व्यक्ति उसे करते समय विशेष विचार नहीं करता। यहीं अचेतन मन और आदतों का सम्बन्ध सामने आता है। यदि मनुष्य अपनी पुरानी आदतों को समझे बिना केवल इच्छाशक्ति के सहारे जीवन बदलने का प्रयास करता है, तो उसे बार-बार संघर्ष करना पड़ सकता है। लेकिन यदि वह आदतों के निर्माण, उनके संके...