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ब्रह्माण्ड की सबसे छोटी चीज़

  ब्रह्माण्ड की सबसे छोटी चीज़ वैज्ञानिक खोजते रहे सबसे छोटा कण। कवि खोजते रहे सबसे छोटी कविता। संत खोजते रहे सबसे छोटा अहंकार। और मैं खोजता रहा तुम्हारी आँखों में वह क्षण जब तुम स्वयं को भूल जाती हो। मुझे आज भी लगता है, ब्रह्माण्ड की सबसे छोटी चीज़ वही क्षण है और सबसे विशाल भी। मुकेश ,,,,

नदी का बयान

  नदी का बयान अदालत में नदी ने कहा "मैं दोषी नहीं हूँ। मैंने किसी का घर नहीं बहाया। मैं तो सदियों से यहीं बह रही थी। घर ही मेरे रास्ते में आए थे।" न्यायाधीश मौन रहा। क्योंकि प्रकृति के मुक़दमों में सच हमेशा दोनों पक्षों के विरुद्ध होता है। मुकेश ,,,,

एक असफल भविष्यवाणी

 एक असफल भविष्यवाणी ज्योतिषियों ने कहा वर्ष कठिन होगा। अर्थशास्त्रियों ने कहा समय संकट का है। दार्शनिकों ने कहा सभ्यता पतन की ओर है। लेकिन उसी वर्ष किसी ने पहली बार प्रेम किया, किसी ने क्षमा किया, किसी ने एक पेड़ लगाया, और किसी ने आत्महत्या का विचार छोड़ दिया। भविष्यवाणियाँ अक्सर मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति भूल जाती हैं। मुकेश ,,,,

विष्णुधर्मोत्तर पुराण का चित्रसूत्र : भारतीय चित्रकला का विश्वकोश

  विष्णुधर्मोत्तर पुराण का चित्रसूत्र : भारतीय चित्रकला का विश्वकोश भारतीय कला के इतिहास में यदि किसी ग्रन्थ को चित्रकला का सर्वाधिक महत्वपूर्ण शास्त्रीय आधार कहा जाए, तो वह विष्णुधर्मोत्तर पुराण का चित्रसूत्र है। भारतीय चित्रकला की परम्परा अत्यन्त प्राचीन है। वैदिक साहित्य में रंग, रूप, प्रतीक और दृश्य-कल्पना के बीज मिलते हैं; अजंता, बाघ और सिगिरिया जैसे भित्तिचित्र उसकी परिपक्व कलात्मक अभिव्यक्तियाँ हैं। किन्तु चित्रकला के सिद्धान्तों, उद्देश्यों, विधियों और सौन्दर्यशास्त्र का व्यवस्थित प्रतिपादन जिस ग्रन्थ में मिलता है, वह चित्रसूत्र है। चित्रसूत्र केवल चित्र बनाने की तकनीक नहीं सिखाता; वह यह भी बताता है कि चित्रकला क्या है, उसका उद्देश्य क्या है, कलाकार की भूमिका क्या है, और कला का सम्बन्ध संगीत, नृत्य, वास्तु तथा आध्यात्मिकता से कैसे है। इस दृष्टि से चित्रसूत्र केवल एक कला-ग्रन्थ नहीं, बल्कि भारतीय सौन्दर्य-दर्शन का महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है। विष्णुधर्मोत्तर पुराण का परिचय विष्णुधर्मोत्तर पुराण उपपुराणों में एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ है। विद्वानों के अनुसार इसका वर...

पृथ्वी का संगीत

पृथ्वी का संगीत यदि पृथ्वी को अचानक मौन कर दिया जाए, तो सबसे पहले क्या गायब होगा? पक्षियों का स्वर? समुद्र की गूँज? बच्चों की हँसी? नहीं। सबसे पहले गायब होगी किसी की प्रतीक्षा में धड़कते हुए हृदय की ध्वनि। बाक़ी संगीत तो उसी के बाद जन्म लेते हैं। मुकेश ,,,,

संग्रहालय

  संग्रहालय एक संग्रहालय बनना चाहिए उन चीज़ों का जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। विश्वास का एक कक्ष। प्रतीक्षा की एक अलमारी। लम्बे पत्रों की एक दीर्घा। और एक काँच के भीतर सुरक्षित रखा जाए वह समय जब लोग एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते थे। मुकेश ,,,,

गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध

गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध मैंने एक दिन अपने दुख को कुर्सी पर बैठा दिया। वह घंटों बैठा रहा। चाय पी। खिड़की से बाहर देखा। फिर बोला— "तुम मुझे समस्या समझते रहे, मैं तो तुम्हारा सबसे वफ़ादार साथी था।" उस दिन पहली बार मुझे अपने दुख से थोड़ा प्रेम हुआ। मुकेश ,,,,