आख़िरी प्रेमी
वैज्ञानिकों की एक टीम ने
दावा किया है
कि उन्होंने खोज लिया है
दुनिया का आख़िरी प्रेमी।
उसे एक छोटे से कमरे में
सुरक्षित रखा गया है।
विशेषज्ञ उसकी आदतों का अध्ययन कर रहे हैं।
वह अब भी
कविताएँ पढ़ता है।
फूलों की गन्ध पहचानता है।
और किसी के दुख पर
चुप हो जाता है।
वैज्ञानिक हैरान हैं।
इतनी उन्नत सभ्यता में
यह व्यवहार असामान्य माना जाता है।
उसे देखने
दूर-दूर से लोग आते हैं।
बच्चे उँगली दिखाकर पूछते हैं—
"पापा,
क्या सचमुच लोग
ऐसे भी हुआ करते थे?"
और आख़िरी प्रेमी
खिड़की से बाहर देखते हुए
धीरे से कहता है
"नहीं बेटा,
लोग नहीं।
मनुष्य।"
मुकेश ,,,,,,,,