तुम्हारे बारे में सोचना
तुम्हारे बारे में सोचना ताज़ा खिले ओस में नहाये गुलाब के बारे में सोचना है तुम्हारी बाँहों को छूने की कल्पना अखरोट के पेड़ की मुलायम डाल को छूने सहलाने जैसा है तुम्हारी हँसी सुनना बहुत ऊंचाई से गिरते जलप्रपात की दूधियाँ धार की आवाज़ को सुनना है तुम्हारी यादों में होना गर्म थपेड़ों के बाद बारिश की ठंडी फुहार में भीगने जैसा है तुम्हारे साथ होना एक उत्सव में होना होता है रंग - बिरंगे मेले में होना है मुकेश इलाहाबादी -----------