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Tuesday, 17 October 2017

दोस्त ! दर्द किसके जिगर में निहां नहीं है ?

दोस्त ! दर्द किसके जिगर में निहां नहीं है ?
कोई बयाँ कर देता है, कोई कहता नहीं है !!

ये अलग बात हमने कभी पलट वार न किया
वरना अपने कानो से क्या क्या सुना नहीं है!!

बेवज़ह मेरा दिले दरवाज़ा खटखटा रहे हो ??
इस बेजान घर में अब कोई रहता नहीं है !!

मुकेश इलाहाबादी -------------------------

Monday, 16 October 2017

दीप हो तुम दिवाली हो तुम



दीप हो तुम दिवाली हो तुम
घरभर की खुशहाली हो तुम

कौन कहता है सिर्फ पत्नी हो
रिद्धि- सिद्धि, लक्ष्मी हो तुम

हो लाई लावा खील बताशा
अक्षत,फूल व रोली हो तुम

अन्नपूर्णा, हो हम सब की
छप्पन भोग मिठाई हो तुम

चकरघिन्नी सा नाचती हो
हँस दो तो फुलझड़ी हो तुम

मुकेश इलाहाबादी -----------

ग़ैर नहीं अपनी सी लगती है अब तो

ग़ैर नहीं अपनी सी लगती है अब तो
ये तन्हाई बहुत बतियाती है अब तो 

स्याह रात किसी लिहाफ से कम नहीं
सांझ होते ही लिपट जाती है अब तो

जवानी में ईश्क़ के बारे में सोचा नहीं   
इक साथी की कमी खलती है अब तो

याद आते हैं गुनाह अपने तो, मेरी ही 
रूह मुझसे ही लड़ने लगती है अब तो 

मुकेश इलाहाबादी --------------------

Sunday, 15 October 2017

जाने कौन सा जादू जानते हो संवरते जा रहे हो

जाने कौन सा जादू जानते हो संवरते जा रहे हो
उम्र बढ़ने के साथ -साथ और खिलते जा रहे हो

कौन सी नदी या फुहारे में  नहाते हो तुम जो ?
जिधर से गुज़रते हो इत्र सा महकते जा रहे हो

मुकेश इलाहाबादी ---------------------------------

Monday, 9 October 2017

तुम्हे छू लेना चाहता हूँ

मै
तुम्हे छू लेना चाहता हूँ
बिलकुल वैसे ही
जैसी सुबह की ठंडी बयार
छू कर गुज़र जाती है
किसी ताज़े खिले फूल को
और फिर देर तक महकती रहती है छत पे

मुकेश इलाहाबादी -------------------------

Sunday, 8 October 2017

मशालें कंही खो गयी

हैलोजम
और नियॉन बल्ब की
रोशनी में मशालें कंही खो गयी हैं
आओ एक बार फिर चलें हम
मनाने चलें उन हाथों को
जो मशालें लिए आगे - आगे चला करते थे
लड़ने के लिए
अँधेरे एक ख़िलाफ़

मुकेश इलाहाबादी -------------

ऐसा क्यूँ होता है ?

ऐसा
क्यूँ होता है ?
राजा
और सत्ता को सिर्फ
फ़ैली हुई हथेलियां ही अच्छी लगती हैं ?

ऐसा
क्यूँ होता है ?
जब, फ़ैली हुई हथेली
मुट्ठी में तब्दील हो जाती है तो
सत्ता को उसमे से बग़ावत की बू आने लगती है ,

मुकेश इलाहाबादी -----------------------