एक बोर आदमी का रोजनामचा
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Thursday, 19 February 2026
तुम मुस्कुराती हो तो
तुम
मुस्कुराती हो तो
लगता है जैसे किसी ने
तपती
हुई देहं में
लेप दिया हो
चन्दन का लेप
इस लिए तुम्हारा मुस्कुराना
मेरे जलते हुए वज़ूद के लिए बहुत ज़रूरी है
बहुत ज़रूरी
मुकेश इलाहाबादी -------------
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