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Thursday, 19 February 2026

तुहारी आँखों में छुपे मज़मून

 दुनिया कि

सारी भाषाएं सीख भी लूँ
तो भी नहीं पढ़ सकता
तुहारी आँखों में छुपे
मज़मून को
तुम्हारी आँखों की जादूई लिपि जो सबसे अलहदा है
यही वजह है
दुनिया की किसी भी भाषा के वर्णाक्षर
नहीं मैच खाते
कूट भाषा में लिखी मुस्कराहट के
मसौदे से
सिवाय, अंधो की ब्रेल लिपि के
(उँगलियों के स्पर्श से पढ़ी जा सकने वाली लिपि )
लिहाज़ा मेरे पास दो ही विकल्प रह जाते हैं
तुम्हारे मौन
तुम्हरी हँसी
तुम्हारी आँखों में छुपे मसौदे को पढ़ने के
पहला - या तो तुम खुद बता दो क्या लिखा है
या फिर , मेरी उँगलियों को इज़ाज़त दो
छू कर पढ़ सकूं क्या लिखा है
तुम्हारी खूबसूरत पलकों पे
तुम्हारी नाज़ुक होठो पे
या कि तुम्हारी हंसी
और मौन में
मुकेश इलाहाबादी -

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