Pages

Wednesday, 18 February 2026

कभी ख़ुद से भी फ़ोन कर लिया करो

 कभी ख़ुद से भी फ़ोन कर लिया करो,

यह दुनिया बहुत व्यस्त है,

यहाँ हर आवाज़

किसी और के लिए उठती है।


एक दिन

अपने ही नंबर पर

घंटी बजाकर देखो,

शायद उधर से

तुम्हारी थकी हुई रूह

“हेलो” कहे।


पूछो उससे,

कैसी हो?

कब से चुप हो?

किस बात पर

अब भी मुस्कुराने की कोशिश करती हो?


कभी आईने के सामने बैठकर

अपने हालात सुनाया करो,

बिना दिखावे,

बिना तर्क,

बिना किसी सफ़ाई के।


तुम दूसरों की ख़बर रखते हो,

पर अपनी धड़कनों की

आवाज़ कब सुनी थी आख़िरी बार?


कभी ख़ुद से भी फ़ोन कर लिया करो,

कहो कि

सब ठीक न भी हो

तो भी तुम साथ हो।


कहो कि

थक जाना गुनाह नहीं,

रो लेना हार नहीं,

रुक जाना कमज़ोरी नहीं।


और अगर उधर से

सिर्फ़ ख़ामोशी आए,

तो समझ लेना

उसे बस

तुम्हारी मौजूदगी चाहिए थी।


कभी ख़ुद से भी फ़ोन कर लिया करो,

क्योंकि

इस भीड़ में

सबसे ज़्यादा इंतज़ार

तुम्हें

तुम्हारा ही रहता है।


मुकेश ,,,,,,,

No comments:

Post a Comment