होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Tuesday, 15 July 2014

ये तो दुनिया है इसी तरह चलती रहेगी

ये तो दुनिया है इसी तरह चलती रहेगी
कंही तो तूफ़ान होगा कंही आग जलेगी

आज हम यंहा हैं कल हम लोग नहीं होंगे
दस्तान ऐ  इश्क़ तो दुनिया सुनती रहेगी

अभी धूप है मत आना कुम्हला जाओगी 
शाम को उसी पुलिया में मुलाक़ात रहेगी

ज़माने की कब तक तुम परवाह करोगी
दुनिया तो हर हाल में बदनाम ही करेगी

मुकेश इलाहाबादी -----------------------

No comments:

Post a Comment