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Sunday, 22 February 2026

जहाँ माफ़ कर देने के बाद भी दर्द बाकी रहता है

 जहाँ माफ़ कर देने के बाद भी दर्द बाकी रहता है


वो जगह

सबसे ख़ामोश होती है।

यहाँ शब्द नहीं,

सिर्फ़ एक खुरदुरी चुप्पी होती है

जो हर स्पर्श को काटती है।

माफ़ करना

आसान है

जैसे दरवाज़ा बंद कर देना।

मगर दर्द

उस बंद कमरे की हवा बन जाता है,

जिससे बचकर

कहीं नहीं जाया जा सकता।

वो नज़रें,

वो अधूरा सवाल,

वो टूटी हुई हँसी

सब वहीं रह जाते हैं।

और हम सीख जाते हैं

कि माफ़ करना

कभी-कभी

घाव का इलाज नहीं,

बल्कि उसका स्थायी पता होता है।


मुकेश ,,,,,,,,,,,,,,

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