एक बोर आदमी का रोजनामचा
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Wednesday, 18 February 2026
झपकी
थोड़ी-सी झपकी
और दुनिया धीमी हो जाती है
जैसे थकान
किसी पेड़ की छाँव में उतरकर
आह भर लेती हो।
पल भर की नींद
कभी-कभी
पूरे दिन से ज़्यादा
सुकून दे जाती है।
मुकेश्,,,
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