तुम्हारी महक का रहस्य
तुम्हारी महक में
कुछ ऐसा है
जो शब्दों में नहीं आता।
जैसे
किसी पुराने शहर की गली
जहाँ
हर मोड़ पर
एक कहानी छिपी हो।
मैंने कई बार
उस रहस्य को समझने की कोशिश की,
पर हर बार
वह खुशबू
थोड़ी और दूर चली गई।
शायद
कुछ रहस्य
समझने के लिए नहीं,
बस महसूस करने के लिए होते हैं।
मुकेश ,,,
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