उसको सोचते हुए ,,,,,,,
1
वो मेरी बात नहीं समझती,
पर मेरे ख़ामोश होने की वजह समझ जाती है।
2
मैंने उसे खोया नहीं,
बस उसकी जगह अपने भीतर रख ली है।
3
कुछ चेहरे अलमारी में रखी किताबों जैसे होते हैं,
धूल जम भी जाए, पर कहानी कभी पुरानी नहीं होती।
4
वो आई,
तो मेरे भीतर की सारी तन्हाई ने
एक साथ दरवाज़ा खोल दिया।
5
रिश्ते वक़्त नहीं मांगते,
बस एक पल की सच्चाई चाहते हैं।
6
उसके जाने के बाद
मेरे कमरे में सिर्फ़ ख़ालीपन नहीं रहा,
उसका इंतज़ार भी रहने लगा।
7
मोहब्बत की सबसे ख़ूबसूरत बात ये है
ये पूरी होती नहीं,
बस जी जाती है।
8
वो हँसी में फूल छुपा लेती है,
और मैं उसकी हँसी में अपना मौसम ढूँढ लेता हूँ।
9
कुछ लोग बारिश जैसे होते हैं,
आते हैं, भीगाते हैं,
और अपने साथ मौसम भी बदल जाते हैं।
10
तुमसे मिलना
जैसे किसी अनजान गली में
अपना घर मिल जाना।
मुकेश ,,,,,,,,,,,
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