यादों के बीच ठहरा हुआ एक पल
यादों के बीच
ठहर गया है
एक छोटा सा पल।
न वह बिल्कुल नया है,
न वह पुराना
बस
बीते वक़्त की हल्की-सी परछाई
दिल में बैठी हुई है।
कभी आँखें बंद होती हैं,
तो वह पल
धीरे-धीरे
हर सांस में
गुज़रता है।
लगता है
कुछ पल
सिर्फ़ ठहरने के लिए
ही बनाए गए हैं।
मुकेश्,,,
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