तुम्हारी ख़ामोशी में छुपा हुआ इश्क़
तुम्हारी ख़ामोशी
एक धीमी नदी की तरह है,
जो दिखती नहीं,
पर दिल के कोनों तक
बह जाती है।
कभी कोई शब्द नहीं बोलता,
फिर भी
हर पल में
तुम्हारा इश्क़
धीरे-धीरे उतर जाता है।
ख़ामोशी में
तुम्हारी मौजूदगी
इतनी गहरी है
कि आवाज़ बनकर नहीं,
सिर्फ़ महसूस होकर
दिल तक पहुँचती है।
मुकेश्,,,
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