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Wednesday, 4 March 2026

डेनिम जैकेट और तुम्हारी बेपरवाह चाल

 डेनिम  जैकेट और तुम्हारी बेपरवाह चाल


डेनिम जैकेट में

जब तुम आगे बढ़ती हो,

तो रास्ते अपने नियम भूल जाते हैं—

कदम खुद-ब-खुद तुम्हारी लय पकड़ लेते हैं।


तुम्हारी चाल में कोई जल्दबाज़ी नहीं,

कोई बनावट नहीं

बस एक सहज-सा भरोसा है

कि दुनिया दो पल ठहर ही जाएगी।


जैकेट की जेबों में हाथ डाले तुम

इतनी आज़ाद लगती हो,

जैसे हवाओं से

कोई पुराना समझौता हो तुम्हारा।


डेनिम की सख़्ती के भीतर

तुम्हारी नर्म रूह छुपी है

और उस बेपरवाह चाल में

एक पूरा जीवन मुस्कुराता है।


मुकेश ,,,,,,,,,,,

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