ऑक्सीजन का सब्सक्रिप्शन
एक समय था
जब हवा
बिना पूछे
फेफड़ों में उतर जाती थी
अब
उसके लिए
लॉग-इन करना पड़ता है।
शहर के बीचों-बीच
एक बड़ा-सा बोर्ड लगा है
“ऑक्सीजन प्रीमियम प्लान
शुद्ध साँसें, अब EMI पर!”
लोग
मास्क नहीं,
मशीन पहनते हैं
जो
हर साँस का हिसाब रखती है।
एक बूढ़ा
लाइन में खड़ा है
उसके पास
बस इतनी ही साँसें बची हैं
जितनी
एक छोटे पैक में मिलती हैं।
वह पूछता है
“क्या
थोड़ी-सी हवा
उधार मिल सकती है?”
काउंटर वाला हँसता है
“यहाँ
साँसें नहीं,
सिर्फ़ प्लान मिलते हैं।”
आसमान
ऊपर से देखता है
पर अब
उसकी नीली आँखों में
कोई गहराई नहीं बची।
और
धरती के सीने पर
लिखा है
“Out of Stock”
मुकेश ,,,,,,,,
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