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Saturday, 14 March 2026

रास्ते मे मिल गया तुम्हारा खयाल

रास्ते में मिल गया तुम्हारा ख़याल

आज
रास्ते में
अचानक मिल गया
तुम्हारा एक ख़याल।
कोई आवाज़ नहीं थी,
बस हवा का
हल्का-सा स्पर्श था।
मैं कुछ देर
वहीं ठहर गया—
जैसे
चलते-चलते
किसी पुराने
मुस्कुराते पल से
मुलाक़ात हो गई हो।

मुकेश्,,, 

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