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Wednesday, 22 April 2026

दादी की गोद में पोता

 दादी की गोद में पोता

1

दादी की गोद में पोता

जैसे समय

खुद को फिर से जी रहा हो।

2

झुर्रियों भरे हाथ

धीरे-धीरे सहलाते हैं,

जैसे बरसों की ममता

फिर जाग उठी हो।

3

पोता खिलखिलाता है,

दादी मुस्कुराती है

दोनों के बीच

एक ही धड़कन है।

4

दादी की आँखों में

पुरानी कहानियाँ हैं,

और बच्चे की आँखों में

नई दुनिया।

5

गोद में झूलते हुए

वो निश्चिंत है,

जैसे सारी दुनिया

यहीं थम गई हो।

6

दादी के गीत

धीमे-धीमे बहते हैं,

और बच्चा

नींद में उतर जाता है।

7

उसकी छोटी उँगलियाँ

दादी की साड़ी पकड़ लेती हैं,

जैसे कोई रिश्ता

और गहरा हो गया हो।

8

दो पीढ़ियाँ

एक ही पल में,

एक-दूसरे को

पूरा कर रही हैं।

9

दादी की गोद

अब भी उतनी ही गर्म है,

बस समय ने

बालों को सफ़ेद कर दिया है।

10

दादी की गोद में पोता

ममता का वो घेरा,

जहाँ हर उम्र

फिर से बच्चा बन जाती है।


मुकेश ,,,,,,,,,,,,

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