मेरी कथा - कहानी में कोइ और नहीं


मेरी कथा - कहानी में कोइ और नहीं
अब इस ज़िंदगानी में कोइ और नहीं

कुछ कट गयी कुछ और कट जाएगी
ईश्क़ इस जवानी में कोइ और नहीं

हमारी ही सिसकियाँ सुनाई दी होगी
यहाँ  रात तूफ़ानी में कोइ और नहीं

मुकेश इलाहाबादी------------------




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