कॉफी का मग लिए

कॉफी
का मग लिए
चुपचाप देख रहा हूँ
बॉलकनी से
बारिश में
भीगती हुई - छत
दीवार
मुंडेर
लम्बी सूनी सड़क
और सड़क के किनारे
खड़ा तनहा
गुलमोहर का पेड़
मुकेश इलाहाबादी ---------

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