यूँ खुश तो मै हर हाल में रहा

यूँ खुश तो मै हर हाल में रहा
तू मेरा न हुआ मलाल ये रहा

दिल का ये परिंदा उड़ता कैसे
तेरी बातों के मै जाल में रहा

इक अरसा हुआ मुकेश ज़िंदा
मै अपनी खद्दो -खाल में रहा

मुकेश इलाहाबादी ---------

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