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Tuesday, 10 March 2026

भाग – 13 : आटा, चलनी और काफ्का

 लघु उपन्यास

भाग – 13 : आटा, चलनी और काफ्का


झाड़ू थक चुकी है।

आज दिन भर

कमरे की सफ़ाई करते-करते

वह तख़्त के नीचे

दरवाज़े के पास

चुपचाप लेटी है।


शुकून से।


आज खुश भी है


बहुत दिनों बाद

उसकी पूँछ हुई है।


धूल के छोटे-छोटे पहाड़

आज आखिरकार

कमरे से निर्वासित हो गए हैं।


किचन में

बर्तन चमचमा रहे हैं।


धुल-पोंछ कर

आपस में फुसफुसा रहे हैं—


“देखना,

कितने दिन तक

हम साफ़-सुथरे रहते हैं।”


यह बात

कूकर ने कही।


कटोरी, थाली

और चम्मच ने

सहमति में

हल्की-सी खनक पैदा की।


उधर

आटे की बोरी के पास

चलनी भी

थोड़ी खुश हो उठी।


उसे लगा


आज शायद

उसका भी नंबर आएगा।


मैंने सचमुच

आज रोटी-सब्ज़ी बनाने की सोची थी।


शायद

चलनी ने

मेरे मन की आवाज़ पढ़ ली थी।


पढ़े भी क्यों न


मेरे कमरे की

चलनी जो है।


मैंने

आटे का डिब्बा खोला।


परात उठाई।


फिर

साफ़ पानी के लिए

लोटे को ढूँढ़ने लगा।


पता चला


वह तो

कोने में

कई दिनों से

लुढ़का पड़ा है।


शायद

किसी दिन

मुझसे ही गिरकर

वहाँ ढनंग गया था।


और

धुलते वक्त

मेरा ध्यान ही नहीं गया।


मैंने

उसे धीरे से उठाया।


उस पर जमी

पतली धूल को

पानी से धोया।


अब वह

फिर से

अपने पुराने आकार में

चमकने लगा।


मैं

लोटे में पानी भरकर

परात में डालने लगा।


आटा

धीरे-धीरे

पानी से मिलने लगा।


और

उसी वक़्त

न जाने क्यों


काफ्का याद आ गया।


मैंने सोचा


एक आदमी

सुबह उठता है

और अचानक

खुद को

एक अजीब जीव में बदला  हुआ पाता है।


और मैं


सुबह उठता हूँ

तो पाता हूँ


कि मेरे कमरे की

हर चीज़


धीरे-धीरे

इंसान बनती जा रही है।


मैंने

जल्दी-जल्दी

आटा गूँथना शुरू कर दिया।


क्योंकि

मुझे अचानक याद आया


मेरी मेज़ पर

काफ्का की किताब

अधखुली पड़ी है।


शायद

वह भी

मेरा इंतज़ार कर रही होगी।


परात में

आटा अब

एक गोल-सा

शांत शरीर बन चुका था।


मैंने

अपने हाथ धोए।


रसोई की खिड़की से

हल्की हवा अंदर आई।


चलनी

धीरे-धीरे हिली।


जैसे कह रही हो


“देखो…

रोटी बनने से पहले

आटा भी

एक कहानी होता है।”


मैं मुस्कुरा दिया।


फिर

कमरे की तरफ़ लौट आया।


मेरी मेज़ पर

काफ्का की किताब

अब भी खुली पड़ी थी।


और मुझे लगा—


शायद

आज रात


मेरे कमरे की चीज़ों के साथ

काफ्का भी

थोड़ी देर

हमारे साथ बैठेगा।


— मुकेश

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