“यह उस मनुष्य का रोज़नामचा है जो समय की दौड़ से थोड़ा बाहर खड़ा है और साधारण दिनों में असाधारण अर्थ खोजता है।”
समय
कभी-कभी हमें अलग दिशाओं में भेज देता है, जैसे हवा दो पत्तों को उड़ा देती है।
पर एक दिन कोई मौसम हमें फिर पास ले आएगा।
तुम उस दिन मुस्कुरा देना।
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