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Saturday, 14 March 2026

तकिये के पास रखा हुआ सपना

 तकिये के पास रखा हुआ सपना


तकिये के पास

रखा हुआ है

एक छोटा-सा सपना।


रात भर

वह आँखों की

हल्की नींद में

आता-जाता रहा।


कभी

तस्वीर बनकर,

कभी

बस एक एहसास बनकर।


सुबह हुई

तो सपना

कहीं दिखाई नहीं दिया


पर तकिये के पास

अब भी

थोड़ी-सी

उसकी गर्माहट पड़ी है


मुकेश ,,,,,,,,,

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