होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Wednesday, 25 March 2026

टूटी हुई कुर्सी

 ,1. टूटी हुई कुर्सी टूटी कुर्सी खाली कमरे में खड़ी है पर बैठने वालों की कहानियाँ उसकी लकड़ी में अभी भी गूँजती हैं। 2. पुरानी रेल की पटरी पटरी पर ठोकरें खाती गाड़ियों की आवाज़ हमारे कदमों की तरह अडिग हैं— हर धक्का, हर टूटन एक नए सफ़र की तैयारी है। 3. बूँदों वाला छप्पर बरसात में भीगता छप्पर हर बूंद को जानता है और चुपचाप नीचे खड़े लोगों को बचाता है। मुकेश ,,,,,,,,,,

No comments:

Post a Comment