1.
मैंने पीकर भी तुझे भूलना चाहा था,
हर घूँट में मगर तेरा ही चेहरा निकला।
2.
मैंने पीकर भी तुझे भूलना चाहा था,
होश कम होते गए, तू और साफ़ दिखा।
3.
मैंने पीकर भी तुझे भूलना चाहा था,
जाम खाली हुआ, दिल और भरा निकला।
4.
मैंने पीकर भी तुझे भूलना चाहा था,
हर नशे के बाद तेरा ही नशा निकला।
5.
मैंने पीकर भी तुझे भूलना चाहा था,
रात कटती रही, तू ही सुबह निकला।
मुकेश ,,,,,,,,,,,,
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