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Thursday, 30 April 2026

प्रेम : नीरस स्त्री बनाम चंचल स्त्री

 प्रेम : नीरस स्त्री बनाम चंचल स्त्री


अगर आपको प्रेम में

झरने सा उछलना और बह जाना पसंद है

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

अगर आपको

लंबे आलिंगन और ठहरते हुए चुंबन चाहिए—

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

अगर आपको हर दिन

“मिस यू” और “लव यू” सुनना जरूरी लगता है—

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

अगर आपको

भावनाओं का खुला प्रदर्शन,

भीड़ में हाथ थाम लेना अच्छा लगता है—

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

अगर आपको

तुरंत जवाब, तुरंत प्रतिक्रिया चाहिए—

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

अगर आपको

प्रेम में उत्सव, शोर और आवेग चाहिए—

तो नीरस स्त्री से प्रेम न करें।

क्योंकि नीरस स्त्री—

प्रेम को बहाती नहीं,

संभाल कर रखती है…

और वहाँ

उत्साह कम,

गहराई ज़्यादा होती है।


मुकेश ,,,,,,,,,,,,

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