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Monday, 27 April 2026

तुम और तुम्हारी लिपस्टिक — कई-कई शेड्स वाली

 तुम और तुम्हारी लिपस्टिक — कई-कई शेड्स वाली


तुम्हारे होंठों पर

जो रंग उतरता है,

वो सिर्फ रंग नहीं होता

एक पूरा दिन होता है,

कभी धूप सा खुला,

कभी सांझ सा सिमटा हुआ।


तुम्हारी लिपस्टिक के शेड्स

सिर्फ मेकअप नहीं हैं,

वे तुम्हारे मन के

छुपे हुए मौसम हैं


वो हल्का गुलाबी,

जब तुम बिना वजह मुस्कुराती हो,

जैसे किसी पुराने ख़त की याद

अचानक उँगलियों से छू जाए।


वो गहरा लाल,

जब तुम चुप रहती हो

और चुप्पी में

एक पूरी कहानी जलती रहती है।


वो भूरा-सा मैट शेड,

जैसे तुमने खुद को

थोड़ा सा समेट लिया हो,

दुनिया के सामने

बस उतना ही रखा हो

जितना ज़रूरी है।


और कभी-कभी

तुम बिना किसी रंग के आती हो,

सिर्फ अपने होंठों के साथ,

जहाँ कोई बनावट नहीं,

कोई परत नहीं,

बस तुम हो

सबसे सच्ची,

सबसे अनछुई।


मैंने देखा है

तुम्हारी लिपस्टिक

तुम्हारे शब्दों से पहले बोलती है,

तुम्हारे मन की हलचल

रंगों में उतर आती है।


तुम हर दिन

एक नया शेड चुनती हो,

और मैं हर दिन

तुम्हें नए सिरे से पढ़ता हूँ

जैसे कोई किताब

जो कभी पूरी नहीं होती।


तुम

और तुम्हारी ये कई-कई शेड्स वाली लिपस्टिक,

दरअसल एक ही बात कहती हैं—

कि एक स्त्री

कभी एक रंग में नहीं होती…


मुकेश ,,,,,,,,,,,,,

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