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Thursday, 2 April 2026

रक्त की स्मृतियाँ

 रक्त की स्मृतियाँ

शरीर की अँधेरी नदियों में

जहाँ धड़कन नाव बनकर चलती है,

वहीं बहता है

रक्त।


लाल, तरल, और सतत

पर केवल प्रवाह नहीं,

यह स्मृतियों का वाहक है,

एक चलती हुई जीवित डायरी।



विज्ञान कहता है

रक्त में हैं RBCs,

जो ऑक्सीजन की कहानियाँ

फेफड़ों से लेकर कोशिकाओं तक ले जाती हैं,

और WBCs,

जो हर अजनबी को पहचानकर

युद्ध छेड़ देते हैं।


पर क्या यह केवल

परिवहन और सुरक्षा है?


या इसके भीतर

छिपी हैं वे यादें भी

जो हमने कभी जानी ही नहीं?


हर लाल कण में

hemoglobin की लौ जलती है

जैसे कोई पुराना दीपक,

जो हर साँस के साथ

जीवन को रोशन करता है।


और हर श्वेत कण

एक प्रहरी,

जिसके भीतर दर्ज है

बीते हुए आक्रमणों का इतिहास

कौन-सा विषाणु आया था,

कैसे लड़ा गया,

किसने हार मानी,

किसने जीत लिखी।


इसे विज्ञान

immune memory कहता है

पर यह तो स्मृति ही हुई,

रक्त की अपनी भाषा में लिखी हुई।


कभी-कभी

रक्त उबलता है

क्रोध में,

डर में,

या प्रेम में


क्या यह केवल हार्मोन का खेल है?

या उन अनगिनत पीढ़ियों की

अनकही कथाएँ हैं,

जो हमारी नसों में

आज भी दौड़ रही हैं?


शायद हमारे रक्त में

दर्ज हैं वे यात्राएँ

जो हमारे पूर्वजों ने की थीं,

वे भय,

वे संघर्ष,

वे प्रेम


जो अब शब्दों में नहीं,

बल्कि स्पंदनों में जीवित हैं।


रक्त

वह केवल शरीर का ईंधन नहीं,

बल्कि इतिहास का वाहक है,

जहाँ हर बूंद

एक जीवित अभिलेख है।


और जब हृदय धड़कता है

तो वह केवल रक्त नहीं,

बल्कि उन स्मृतियों को भी

संचालित करता है

जो हमें हम बनाती हैं।


शायद इसी लिए

कभी-कभी बिना कारण

दिल तेज़ धड़कने लगता है

जैसे कोई पुरानी कहानी

अचानक जाग उठी हो।


रक्त की स्मृतियाँ

वे दिखाई नहीं देतीं,

पर हर क्षण

हमारे भीतर

एक मौन इतिहास की तरह

बहती रहती हैं।


और शायद…

जब अंतिम धड़कन थमती है,

तो केवल जीवन नहीं रुकता

बल्कि

अनगिनत स्मृतियों की वह नदी भी

एक गहरे, अनंत सागर में

विलीन हो जाती है।


मुकेश ,,,,,,

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