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Tuesday, 12 May 2026

अंत में मनुष्य को स्वयं तक लौटना पड़ता है

 

अंत में मनुष्य को स्वयं तक लौटना पड़ता है

बहुत शोर,
बहुत रिश्ते,
बहुत यात्राओं के बाद
मनुष्य अंततः
एकांत में लौटता है।

और वहीं
धीरे-धीरे समझता है—

जिस सत्य को वह दुनिया भर में खोज रहा था,
वह वर्षों से
उसकी अपनी चुप्पी में बैठा था।

— मुकेश

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