नदी का बयान

 

नदी का बयान

अदालत में नदी ने कहा

"मैं दोषी नहीं हूँ।

मैंने किसी का घर नहीं बहाया।

मैं तो सदियों से

यहीं बह रही थी।

घर ही मेरे रास्ते में आए थे।"

न्यायाधीश मौन रहा।

क्योंकि प्रकृति के मुक़दमों में

सच हमेशा

दोनों पक्षों के विरुद्ध होता है।

मुकेश ,,,,

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