ईश्वर की अनुपस्थिति

 ईश्वर की अनुपस्थिति

कई दिनों से

ईश्वर कार्यालय नहीं आए।

प्रार्थनाएँ जमा होती रहीं।

घंटियाँ बजती रहीं।

अगरबत्तियाँ जलती रहीं।

पर कोई उत्तर नहीं मिला।

तब एक दिन

एक बच्चे ने

अपने हिस्से की रोटी

एक भूखे कुत्ते को दे दी।

उसी शाम

कार्यालय के बाहर

एक नोटिस चिपका मिला

"मैं यहीं था।

तुम लोग

गलत कमरे में खोज रहे थे।"

मुकेश ,,,,

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