अधूरी वापसी

 अधूरी वापसी

प्रेम से लौटना

पूरी तरह लौटना नहीं होता।

कुछ हिस्सा वहीं रह जाता है

जहाँ पहली बार

तुम चुप हुए थे।

लोग समझते हैं

तुम वापस आ गए।

पर तुम जानते हो

कि तुम

सिर्फ़ शरीर लेकर लौटे हो

बाक़ी तुम

किसी और की प्रतीक्षा में

अब भी खड़े हो।

— Mukesh

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