होम | रोज़नामचा | कविताएँ | कहानियाँ | विचार | ज्योतिष | लेखक

Friday, 21 September 2012

चलो मुहब्बत का लेखा जोखा कर लेते हैं

चलो मुहब्बत का लेखा जोखा कर लेते हैं
तुम अपनी बेचैनियाँ बताओ
और हम अपनी जागी रातो का हिसाब !

No comments:

Post a Comment