रंग हमारे चेहरे का बचपन जाते ही उड़ गया था,,





रंग हमारे चेहरे का बचपन जाते ही उड़ गया था,,
अब तो मुद्दत से  बेरंग बेनूर सूरत लिए फिरते हैं
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------------

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