खुदा कैसे लिख देता तुझे मेरे हाथो की लकीरों मे

खुदा कैसे लिख देता तुझे मेरे हाथो की लकीरों मे
कि फरिस्तों का भी दिल जो आ गया था तुझपे
मुकेश इलाहाबादी ------------------------------------

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