हो गए हैं दूर हम तुमसे,




हो गए हैं दूर हम तुमसे,
दुनिया के झमेले मे
आओ एक बार फिर मिल लें
तुमसे अकेले मे 
वो चेहरा अब तक न भूला,
दिखा था गाँव के मेले मे

मुकेश इलाहाबादी ----------

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