जी मैंने कहा, अक्सर बाज़ार के आईने झूठ बोलते हैं

 
 
जी मैंने कहा, अक्सर बाज़ार के आईने झूठ बोलते हैं
इक बार मेरे आईना ऐ दिल मे भी तो झांक के देखो,,,
मुकेश इलाहाबादी -----------------------------------------

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