ये आदत है तुम्हारी जाने जाना,




ये आदत है तुम्हारी जाने जाना, पहले दिले चमन बसाना फिर उजाड़ देना
ये अलग बात हम वो परवाने हैं जो वीराने मेभी खुश आसियाने मे भी खुश
मुकेश इलाहाबादी -----------------------------------

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