तूने न सही तेरी अदाओं ने खंज़र चलाया होगा

 

तूने न सही तेरी अदाओं ने खंज़र चलाया होगा
ज़माने ने तुझे बेवज़ह तो कातिल न कहा होगा

चाँद के जिस्म पे यूँ ही दाग नहीं लगे है मुकेश
चाँद ने भी बहुतो का दामन मैला किया होगा
मुकेश इलाहाबादी --------------------------------

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