कदमबोसी कर ही लेगा आपका अब ये दिल हमारा



कदमबोसी कर ही लेगा आपका अब ये दिल हमारा
कलजे की ख़ाक बिछा आया हूं शहर के हर कूचे मे

मुकेश  इलाहाबादी ................................

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