मन बहकने लगा है

मन बहकने लगा है
तन दहकने लगा है

तेरा नाम सुन कर,
दिल धड़कने लगा है

बेखुदी ऐसी मोगरा
हमें महकने लगा है

तेरी मासूम हंसी से
चाँद जलने लगा है

उदास था दिल मेरा
फिर उमगने लगा है

मुकेश इलाहाबादी ---

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