मुकेश भेजा था पैगामे मुहब्बत हवाओं के मार्फ़त

मुकेश भेजा था पैगामे मुहब्बत हवाओं के मार्फ़त
ले के मेरा पैगाम निगोड़ी हवाएं कंही और चल दीं 

मुकेश इलाहाबादी ------------------------------

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