मन में उजास लिए बैठी है




मन में उजास लिए बैठी है
आखों में लाज लिए बैठी है
रचा के हाथ - पैरों में मेहंदी
पिया का ख्वाब लिए बैठी है
मुकेश इलाहाबादी ---------

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